STORYMIRROR

Supriya Devkar

Others

3  

Supriya Devkar

Others

सागर शब्दांचा

सागर शब्दांचा

1 min
254

अथांग सागर शब्दांचा 

झाला कधी अबोल 

निःशब्द भ्रमाचा भोपळा 

फूटेल की हो गोल

शब्दात माडंले विचार सारे 

झाला मनी कल्लोळ 

शब्दांची उमटू लागली 

आसमंती अस्पष्ट ओळ 

शब्दांनी रचले सारे 

उंच उंच ते मनोरे 

शब्दा विना भासते 

जिवन सारे कोरे


Rate this content
Log in