STORYMIRROR

Vimla Jain

Children Stories Action Inspirational

3  

Vimla Jain

Children Stories Action Inspirational

रहस्यमई चिट्ठी से सीख

रहस्यमई चिट्ठी से सीख

3 mins
26

एक बार की बात है एक किसान एक गांव में रहता था। बहुत अच्छी खेती करता था। उसके चार बेटे थे मगर सब आलसी उनको किसी काम से कोई मतलब नहीं था बहुत कामचोर थे।

 उनको तो बस अपने मौज मस्ती पूरे होने करने होते थे। खेती अच्छी थी पैसा तो घर में बहुत आ ही जाता था।

 मां भी बेटों को कभी कुछ कहती नहीं थी इसलिए वे बेटे और भी आलसी और लापरवाह होते जा रहे थे। किसान को लगा मेरे बाद इस खेती का क्या होगा मुझे कुछ ना कुछ तो करना पड़ेगा।

 एक दिन थोड़ा बीमारी का नाटक करने लगा।

 खेत पर नहीं गया तो चारों बेटे उसको घेर करके बैठ गए।

 वह नींद में बड़बड़ाते हैं वैसे बड़बड़ाने लगा अब उस खजाने का क्या होगा अब उस खजाने का क्या होगा।

उन लड़कों के कान खड़े हो गए।

बापूजी किसी खजाने की बात कर रहे हैं ।

जब किसान जागा तो बेटों ने कहा बापूजी आप खजाने की बात कर रहे थे कौन सा खजाना।

 बापूजी बोलते हैं अरे मेरे पास में एक चिट्ठी थी जो कल ही मिली है शायद तुम्हारे दादाजी ने किसी ने लिखी होगी।

 उसमें एक खजाने की बात है तो वह बोलते हैं हमें बताओ वज्ञ खजाना कहां है तो किसान उनको वह चिट्ठी दिखाता है। उसमें लिखा था खेत में कहीं पर खजाना गड़ा हुआ है।

 अब तो चारों बेटे खेत में गए अपने-अपने फावड़े लेकर के पूरे खेत की खुदाई कर डाली। जब खेत की पूरी खुदाई हो गई तो आखिर में एक पेड़ के नीचे उन्हें एक मटका मिला वे लोग बहुत खुश हुए की चलो खजाना मिल गया जब उन्होंने मटका खोल तो उस मटके में एक और चिट्ठी थी जिसमें लिखा था खजाना कुएं में है और उसमें एक पेटी पड़ी थी उसने बहुत सारे गेहूं थे और उसके साथ में एक स्लिप थी और चिट्ठी थी कि यह सारे गेहूं खेत में तुमने खुदाई करी है वहां डाल दो।

 और कुएं में तुमको खजाना मिलेगा अब तो लड़के चकराए। रोज आलस करने वाले लड़के जो ज्यादा गेहूं डालेगा उसको ज्यादा ज्यादा खजाना मिलेगा सोच फटाफट उन गेहूं को अपनी खुदाई करी हुई खेत में भी डालने लग गए।

जब सारा गेहूं डल गया तो वे कुएं के पास गए वहां उनको एक चिट्ठी और मिली खजाना तुमको पानी के नीचे एक पेटी में मिलेगा।

 अब क्या करें तो उन्होंने बहुत सारा पानी को पूरे खेत में खाली कर दिया।

 जितना भी कर सकते थे। सब कुछ करने के बाद भी उनको पेटी नजर नहीं आई तो थक हार के बैठ गए और थोड़ा-थोड़ा पानी रोज निकलने लगे पेटी के चक्कर में।

 इस तरह खेत की रोज सिंचाई होती गई समय आने पर फसल लगी बहुत अच्छे गेहूं हुए।

जब गेहूं को बेचा गया तो पैसा आया उसके चार भाग करके उसके साथ में एक चिट्ठी मिली यह तुम्हारे मेहनत की कमाई है तुमने जो मेहनत करी खजाने को ढूंढने के लिए यह तुम्हारा असली खजाना और असली मेहनत है।

 इसीलिए मेहनत से मत घबराना और हमेशा मेहनत करना।

 मेहनत करने वाले को हमेशा सफलता मिलती है।

अब चारों लड़के अपने पिताजी के पास आते हैं और चिट्ठी बताते हैं। 

उसके पिताजी हंसते हुए बोलते हैं यह चिट्ठियाँ मैंने ही लिखी थी तुम इतने आलसी होते जा रहे थे तो मुझे यह कदम उठाना पड़ा और रहस्य को बरकरार रखना पड़ा।

 आज तुम्हारी मेहनत सफल हुई है इतना पैसा मिला है।

 यह पैसा थोड़ा-थोड़ा तुम रख लो बाकी का अनाज लो और इसी तरह मेहनत करो तो तुम्हारी जिंदगी में दिन दूनी और कर रात चौगुनी तरक्की होगी और उसका फल तुमको मिलेगा।

 क्योंकि यह असली खजाना है जो तुमने मेहनत करके कमाया है और आलस को भगाया है।

मोरल ऑफ़ द स्टोरी यह कहानी यह कहती है

आलस को अपने पास मत फटकने दो मेहनत करो और असली खजाना पाओ।


Rate this content
Log in