अकबर बीरबल संवाद
अकबर बीरबल संवाद
बीरबल अकबर के दरबार के सर्वश्रेष्ठ नवरत्न और अकबर के प्रिय मित्र थे। उनकी नोकझोंक के किस्से बहुत प्रचलित है ।
एक बार अकबर और बीरबल नगर भ्रमण को निकले। चलते चलते उन्होने देखा कुछ दूर एक सांड घूम रहा था। अकबर ने बीरबल से कहा बीरबल देखो आपके देवता इन्हें प्रणाम करो। तुम्हारे धर्म में तो देवताओं की बाढ़ सी आई है। तुम लोग जिसे देखो उसे प्रणाम करते हो।
हमारा धर्म कितना अच्छा है। हमारा एक ही अल्लाह है। हम सिर्फ उसी को सिर झुकाते है और किसी को नहीं ।
बीरबल ने कहा महाराज आप झूठ बोल रहे है। आप तो अनेको बार सिर झुका चुके है। वो भी एक इंसान के आगे।
अकबर झल्लाते हुए बोला क्या कह रहे हो अगर तुम्हारी बात झूठ हुई तो तुम्हें मृत्युदंड मिलेगा ।
बीरबल ने कहा जरूर महाराज लेकिन आप ही बताइए क्या हज्जाम के आगे आप सिर नहीं झुकाते। महाराज आप सिर ही नहीं झुकाते उसके इशारों पर भी चलते है।
बीरबल की बात सुनकर अकबर चुप हो गए ।
