एक जुझारू लड़का जो अपने ताउजी का दिल चीर देनेवाला उपहास झेलने के बाद भी कैसे अपने, पराए से घर को राख ... एक जुझारू लड़का जो अपने ताउजी का दिल चीर देनेवाला उपहास झेलने के बाद भी कैसे अपने...
लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास लेखक: विक्टर द्रागून्स्की अनुवाद: आ. चारुमति रामदास
प्रीति किसी से प्यार करती थी और मुझे पता भी नहीं था , प्रीति किसी से प्यार करती थी और मुझे पता भी नहीं था ,
आज जब चुनावी गहमागहमी जोरों पर है तो मंदिर की सीढ़ियों पर भी श्रद्धालुओं के चर्चा का विषय चुनाव ही है... आज जब चुनावी गहमागहमी जोरों पर है तो मंदिर की सीढ़ियों पर भी श्रद्धालुओं के चर्चा...
पर जब मैं इस गांव में आया, गांव के सभी लोग मुझे ही घूरे जा रहे थे। पर जब मैं इस गांव में आया, गांव के सभी लोग मुझे ही घूरे जा रहे थे।
आरुष हंस पड़ा। उसने मुस्कुराते हुए कहा "उसको भी बदलाव चाहिए।" आरुष हंस पड़ा। उसने मुस्कुराते हुए कहा "उसको भी बदलाव चाहिए।"