STORYMIRROR

आदर्श बनें वैचारिक पूंजी बुढ़ापे सहारा बनें अधर्म और अन्याय देवें सबको ही सम्मान पीड़ित की वाणी बनें परिवर्तन शाश्वत सत्य भौतिक सुख-साधन आशा न्याय की हम निर्बलों के हम बनें सहायक दूर प्रकृति से का पालनहार रहें सदा मिल जुलकर सुख हो या फिर दुख हो सरस्वती के उपासक 52weekswritingchallenge रोबोट नहीं इंसान बनें हम

Hindi बनें Poems