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पालनहार निर्बलों के हम बनें सहायक बुढ़ापे रहें सदा मिल जुलकर पीड़ित की वाणी बनें चलें प्रकृति की ओर एक कुटुंब है सारी वसुधा सामाजिकता आशा न्याय की 52weekswritingchallenge का हिन्दीकविता अधर्म और अन्याय रोबोट नहीं इंसान बनें हम सुख हो या फिर दुख हो सरस्वती के उपासक दूर प्रकृति से हम आदर्श बनें 31writing prompts

Hindi बनें Poems