STORYMIRROR

Bhawna Vishal

Others

3  

Bhawna Vishal

Others

एक गुजारिश

एक गुजारिश

1 min
226

थाम लें खुशियां सभी की

सबकी खैर ओ सलामती की दुआ करें

चलो कुछ रोज बातें

घर की दर ओ दीवार से किया करें।


यूं तो उतरते हैं भंवर में हर दिन

ना डूबते हैं, ना पार होते हैं

छोड़ ख्वाहिशों के किनारों को

थोड़ा खुद में भी बहा करें

चलो कुछ रोज बातें 

घर की दर ओ दीवार से किया करें।


दूरियां तन की हो,मन की ना बने

उठ कर तंग संकरे खांचो से

हम सब अब इंसान बने

जिस ओर सिरा है उलझन का

आओ जरा उस ओर रास्ता करें

चलो कुछ रोज बातें 

घर की दर ओ दीवार से किया करें।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन