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जान hindikavita लाल हिम्मत आंसू मृदु-कटु फल मेहनत व्यर्थ कभी नहीं विरलों विचित्र सा हाल बचपन से पचपन की अनोभूतियाँ बचकानी हरकतें करते थें। मम्मी कि बात कभी नहीं मानते थे तुम दुख देते हो जितना हिन्दीकविता देते हैं पड़ोसी बच्चों को पीट देते थे जीवन की समस्याएं राहत

Hindi देते Poems