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आओ चलें घूम लें हम भी राख चलें प्रकृति की ओर ज्ञान खाक दृढ़ निश्चय मिलाते निज पथ का चमकता सूर्य सामाजिकता वो हमको राख करके चलें गए बाधाओं को ठुकराते ही चलें। 52weekswritingchallenge नंगे पाँव चलें परिवर्तन शाश्वत सत्य 31writing prompts नव पथ दिल दूर प्रकृति से खामोश वो हमको खाक करने आये थे

Hindi चलें Poems