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कुचली गयी सौभाग्य आशा अत्याचार महक घर मन की भावनाएं नारी मूर्ती नहीं इंसान है नन्हीं निर्बल कली दोहराती महकने मन किस्मत का खेल दबी कुचली नारी लाज परी मसली मुकद्दर

Hindi कुचली Poems