यदि मैं प्रधानमंत्री होती
यदि मैं प्रधानमंत्री होती
यदि मैं प्रमुख देश की होती।
देश को सुशासित कर सोती।।
देश का सु प्रबन्धन ऐसा करवाती।
चाक चौबंद सारी व्यवस्था हो जाती।।
न्याय व्यवस्था, सदृढ़ करवाती।
निर्धनों को उनका,हक दिलवाती।।
शिक्षा के कमजोर पक्ष को,दृढ़ इतना करवाती।
की हर समस्या नव शोधों से झट हल हो जाती।
अंतःकरण की शुद्धि हेतु,आध्यात्म की ज्योत जलवाती।
मन से बाहर की गर्द को,नव विधिकों से दूर भगाती।।
स्वच्छता से सुस्वास्थ की घर-घर अलख जलवाती।
कचरा निष्पादन हेतु, हर घर में विधिक स्थान रखवाती।।
नव शोधो नव अनुसंधान के हित में नव तकनीकी लाती।
आने वाली आपदाओं को चुटकी में हल करवाती।
मूलभूत सुविधाएं देकर,जन-जीवन में संतुष्टि लाती।
कर व्यवस्था रोजगार की,घर-घर में खुशहाली लाती।।
