STORYMIRROR

Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Others

4  

Shailendra Kumar Shukla, FRSC

Others

वो समझते हैं हम

वो समझते हैं हम

1 min
336

वो समझते हैं हम उन पर वार जायेंगे 

वो समझते हैं हम उनसे हार जायेंगे 

गालियां देते देते थक जायेंगे हमे वो 

हम तो वो हैं , जो सच् से पार जायेंगे !


इतनी गैरत नहीं, फिर ज़माने का क्या 

इतनी फुरसत नहीं, फिर बहाने का क्या 

आरजू अब क्यूँ करो, जो गर ठान लिय़ा 

इतनी मिन्नत नहीं, फिर ठिकाने का क्या !


काश पहले ही, उसे पहचान लिय़ा 

फितरत भी उसकी पहले जान लिय़ा 

हम तो हम है, उसकी बातों का क्या 

खाक कर देंगे, ऐसा अब मान लिय़ा !


कोई कितना भी सिकन्दर बने खुद को 

साजिशों का भी समन्दर बने खुद को 

इतनी आग सीने मे जलाये रखते हैं हम 

आग की बाढ ला देंगे ज़लाकार खुद को !


जब तक नहीं है रंज ज़िन्दगी से रब 

काट कर जीत रहे हैं बन्दगी से सब 

उनकी ज़िद को मिट्टी मे मिला छोडेंगे 

तब तक नहीं हैँ तंज ज़िन्दगी से रब !!


Rate this content
Log in