STORYMIRROR

Jyoti Sharma

Others

2  

Jyoti Sharma

Others

वास्तविकता

वास्तविकता

1 min
117

यह सब जो आसमां से आए हैं

कुछ नहीं बस वक्त ही के साए हैं

तू क्या होगा मेरा मैं क्या होउंगी तेरी

एक वही है सबका ये रिश्ते जिसने

बनाए हैं


कौन दुख दे सकता है तुझे, मुझे या उसे

किसी और के नहीं ये सब खुद ही के

सताए हैं

पछताना होगा जान लो जो चले गए उन पर

समेट लो वो पल जो बेकार ही में गवांए हैं


जिंदगी नहीं है बस रेत के घरौंदे हैं

कुछ तूने बनाए हैं कुछ मैंने बनाए हैं


Rate this content
Log in