STORYMIRROR

पंचम कुमार "स्नेही" ✍️

Others

2  

पंचम कुमार "स्नेही" ✍️

Others

टूटे ख्वाबो में

टूटे ख्वाबो में

1 min
152

टूटे ख्वाबो में,

ज़िंदा हूँ कहीं मैं,

बेबसी के आलम में,

जिये जा रहा हूँ कहीं मैं।

तनहा भी रहूं तो,

शौक़ से जियूँ मैं,

ज़िन्दगी कि तरह,

तुम बदल जाना,

कहीं याद आए तेरी,

तो मौत से गुजर जांऊ मैं।


Rate this content
Log in