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सोनी गुप्ता

Children Stories Romance Classics

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सोनी गुप्ता

Children Stories Romance Classics

तेरी यादों का मौसम

तेरी यादों का मौसम

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फिजा ने अपना रुख बदला, 

और मौसम हो रहा गुलजार था, 

आसमां में दिख गया चांद ,

हमें तो अपने चांद का इंतजार था, 


जब-जब हवाएँ छूकर गुजरी, 

मुझे बस तेरा ही ख्याल आया था, 

मौसम ने ली करवटें ,

जैसे लगा पतझड़ में भी सावन आया था, 


याद है पहली मुलाकात, 

वो भीगा -भीगा मौसम बरसात का था, 

उसमें भी कुछ अलग ही मजा,

 वो मौसम तुम्हारे इंतज़ार और प्यार का था , 


हमारे पहले प्यार की वो दस्तक, 

एहसास कुछ मखमली- मखमली सा था,

आंखों में दिख रही वो चमक, 

वो मौसम ही हमारा पहला प्यार था,


हवाएँ शोर करती कानों में, 

लग रहा जैसे मौसम हो रहा बेताब था, 

नदियाँ बह रही कल-कल, 

दिल में उठ रहा वो प्यार का तूफ़ान था,


जिंदगी के हर मौसम में, 

हमारे प्यार की अनगिनत वो बातें हुई थी, 

सर्द हवाओं में लिपटे हुए,

हमारी जाने कितनी ही मुलाकातें हुई थी I


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