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Shayra dr. Zeenat ahsaan

Others

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Shayra dr. Zeenat ahsaan

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तेरा प्यार

तेरा प्यार

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जब तुम मुझे गौर से देखती थी

अच्छा लगता था

मेरा चेहरा पढ़ लेती थी अच्छा लगता था

मेरे सपनों को जगाती थी अच्छा लगता था


मेरे बालों की चोटियां बनाती थी अच्छा लगता था

मेरी रानी गुड़िया कह कर गले से लगाती थी अच्छा लगता था


तू तो ब्रह्मलीन हो गई मां पर

बहुत याद आता है मां मुझको वो तेरा दुलार

वो कढ़ी चांवल और मीठा अचार

दाल में हींग का तड़का और ढेर सारा प्यार


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