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राही अंजाना

Others

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राही अंजाना

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संग बीता हुआ वक्त

संग बीता हुआ वक्त

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कुछ अपने अपनों को ही पराया कहने लगे,

दिल को धड़कन का मानो साया कहने लगे।।


जो गवांते रहे रिश्ता रिश्तेदारों से अपने रात दिन, 

गैरों की महफ़िल में ही सब कमाया कहने लगे।।


हर कदम पर साथ साथ चलने वाले भी देखो, 

आज संग बीते हुए वक्त को ही ज़ाया कहने लगे।।


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