सितारा
सितारा
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मिला नहीं चरागा़ं कोई
गुमनामी के अंधेरो में
एक सितारा तड़पता रह गया
चमकने को सवेरो में।
करता रहा कोशिशें
पहुंचने को मकाम पर
ध्यान मगर दिया किसने
यहाँ उसके काम पर।
खो कर रह जाती हैं,
कितनी ही प्रतिभाएं
जानकारी या पैसों के अभाव में
ढूंढोगे तो मिल जाएंगे ऐसे कई
हर शहर हर गाँव में।
मेहनत ,कोशिश ,कमी कहाँ थी
अब सोचे भोर दुपहरो में,
एक सितारा तड़पता रह गया
चमकने को सवेरो में।
