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Brajendranath Mishra

Others

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Brajendranath Mishra

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शिक्षा को मत व्यापार बनाओ

शिक्षा को मत व्यापार बनाओ

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शिक्षा में अब चल रहा है नोटों का जोर,

अध्ययन और अध्यापन का चला गया है दौर।


पैसा से ले लो भैया डिग्रियाँ हैं बिक रही।

कौन सी डिग्री चाहिए, कीमत दे ले जा सभी।


डिग्रियाँ ले मेरा लाल, क्या कमाल कर जाएगा?

क्या उसकी प्रतिभा में नोटों से निखार आएगा?


यह सवाल है बड़ा बहुत, मंथन चाहिए।

शिक्षा क्या ऐसे चलेगी, मनन चाहिए?


शिक्षा को तौलो मत, इसे मत व्यापार बनाओ।

प्रतिभा का मत करो हनन, इसे मत बीमार बनाओ।


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