जो जैसा होता है उसको वही नज़र आता है ! जो जैसा होता है उसको वही नज़र आता है !
एक प्राचीन प्रथा, एक स्त्री की व्यथा बहुत पहले हमारे राजस्थान की कथा। एक प्राचीन प्रथा, एक स्त्री की व्यथा बहुत पहले हमारे राजस्थान की कथा।
जल छू के लो प्रण, बुन डालो मधुर तरंगिनि। जल छू के लो प्रण, बुन डालो मधुर तरंगिनि।
बवंडर में फसें पेड़ों को झुकाया नहीं करतेजीत के पहले जीत का जश्न मनाया नहींं करते। बवंडर में फसें पेड़ों को झुकाया नहीं करतेजीत के पहले जीत का जश्न मनाया नहींं करते...
हर शस्त्र मेरा तीव्र ,तीक्ष्ण जिसका प्रमाण ये संसार! हर शस्त्र मेरा तीव्र ,तीक्ष्ण जिसका प्रमाण ये संसार!
मैं हूँ जैसी...। मैं हूँ जैसी...।