STORYMIRROR

Amit Kumar

Others

2  

Amit Kumar

Others

रास्ते

रास्ते

1 min
375

रास्ते जाने कहाँ ले जाये

हम जानदार बशर को

अपने बेजान पथ पर

रगड़ते रगड़ते

कच्चे रास्तों पर मुँडेर भी देखी है

देखा है बारिश का

गिरना भी उन मुंडेरों पर

उन रास्तों का भीगना

मानो गीला कर देता है

हमारे मंज़िल पर

आगे बढ़ने के हौसलों को

और पक्के रास्ते

मानो कहीं क़ब्र में दफ़्न

लोगों की नुमाइंदगी कर रहे हो

और कह रहे हो

आओ और तुम भी

इन सुनसान बेज़ान

क़ब्रिस्तानों में शुमार कर लो

खुद को और

हम कहा रहे हो

उठ बांध कमर क्या डरता है

फिर देख हौंसला क्या करता है


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन