STORYMIRROR

Vinita Shukla

Others

4  

Vinita Shukla

Others

पहले बोलते थे तुम्हारे शब्द

पहले बोलते थे तुम्हारे शब्द

1 min
840

पहले बोलते थे तुम्हारे शब्द 

सुनता था मेरा मौन 

उन स्वरों में, मुखरित उपालंभ 

  कटघरे में,

  खड़े होकर भी...

  टूटा नहीं, मेरा मौन 

  धीरे धीरे चुकने लगे 

  तुम्हारे शब्द 

  होने लगे अर्थहीन...

  सब संदर्भ-प्रसंग 

  और मेरा मौन-

  धैर्य और त्याग की,

  लपटों में तपकर 

  निखरता रहा, सोने सा!

  अब चुप हैं, तुम्हारे शब्द ...

  और बोलता है मेरा मौन !!


  


Rate this content
Log in