STORYMIRROR

Sajida Akram

Others

2  

Sajida Akram

Others

पाती, पत्र जो लिखा मगर भेजा नहीं

पाती, पत्र जो लिखा मगर भेजा नहीं

1 min
130

आज फिर लिखने बैठा

मैं तुम्हें पाती प्रेम की

दिल की गहराई से

एक आवाज़ आई

पगले कितने लिखे

पत्र ना भेज पाया कभी

तू उसको, कि होती हिम्मत

लिखें हुए पत्रों को देने की

तो आज होता तू उसका पति

न कि उसका देवर


Rate this content
Log in