STORYMIRROR

Ms. Nikita

Others

3  

Ms. Nikita

Others

पारदर्शिता

पारदर्शिता

1 min
44

क्या छुपा है

हमसे आज यहाँ

हर मोड़ पे 

पारदर्शिता रहती है

कमी नहीं यहाँ

पारदर्शकों की

तभी तो मन

भी नहीं मरा है।


हर जगह 

सभी कुुछ खुुला है

खुला है मन

सबका ही यहाँ

खुली हैं सारी

आशाएं

खुला है आज 

बाधाओं का द्वार

खुले हैं सारे

अभिलाषाओं के हार।


सब कुछ यूँ ही

बना रहे

और रही

बने जग लालसा॥ 



Rate this content
Log in