STORYMIRROR

Deepika Guddi

Others

4  

Deepika Guddi

Others

पापा की लाडली

पापा की लाडली

1 min
229

जब प्यारी सी बिटिया ने 

खूबसूरत दुनिया में जन्म लिया

और पापा ने गोद उठाया

तो दुनिया वालों ने दिए ताने कहा 

मुबारक हो 

लक्ष्मी आयी है लक्ष्मी ले कर जाएगी


पापा भी मुस्कुरा कर बोले

ये तो मेरा जिगर का टुकड़ा है 

मेरा मान है 

लाड़ली है ये मेरी 

आपका धन्यवाद लक्ष्मी कहने के लिए 

आज़ आप सब के सामने वादा लेता हूँ 

हर पल इसके साथ रहूँगा 

कभी अकेला नहीं छोड़ूँगा 

क्यूंकी ये पापा की है लाडली 


जिनकी उँगली थाम के बिटिया ने 

चलना सिखा

उनकी प्यार भरी छाँव में दौड़ना भी सीखा

हर हार - जीत पर पापा का हाथ थाम

उनके वादे पर भरोसा कर आगे बढ़ना सिखा

ख़ुशी- ख़ुशी जीवन में अंधे दौड़ में 

खुद को गुमा दिया 


अचानक पापा की लाड़ली से 

पापा की उँगली दूर हो गयी 

इसका अहसास जब हुआ

तो पापा को और उनके प्यार की छाँव को ढूँढा 

ज़िंदगी का नज़म देख और समझ पाती 

इससे पहले ही 

पापा ने अपनी लाडली का हाथ 

चुपके से बिना कुछ बोले हमेशा के लिए छोड़ दिया

अपनी लाडली से किए वादे से पापा ने मुँह मोड़ लिया


उसी उधेड़बुन में चलने लगी अब ज़िंदगी

-कौन थामेगा उसे गिरने पर

तभी दिल ने दर्द भरी आवाज़ लगायी

पापा अब बस हुआ

एक बार आ कर फिर से थाम लो 

अपनी लाडली का हाथ 

और कह दो दुनिया वालों से 

अकेली नहीं मेरी गुड़िया 

पापा हमेशा इसके हैं साथ 

इसके हैं पास 

क्यूंकी ये पापा की लाडली  जो है


Rate this content
Log in