नववर्ष
नववर्ष
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ईस्वी नववर्ष की बधाई
बैसाखी पर समागम।
चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा
अवतीर्णो हरिः स्वयम्।
वीर निर्वाण जय जिनेन्द्र हो
इज्ज़त पाता मुहर्रम।
पोंगल पर उगता नया
नवरोज पारसी का सूर्यम।
विश्व-बंधुत्व सदियों से
भारत में है विश्व-धरम।
माँ वसुंधरा ने सिखाया
है... वसुधैव कुटुम्बकम।
