STORYMIRROR

Chandresh Kumar Chhatlani

Others

3  

Chandresh Kumar Chhatlani

Others

नववर्ष

नववर्ष

1 min
332

ईस्वी नववर्ष की बधाई

बैसाखी पर समागम।


चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा 

अवतीर्णो हरिः स्वयम्।


वीर निर्वाण जय जिनेन्द्र हो

इज्ज़त पाता मुहर्रम।


पोंगल पर उगता नया

नवरोज पारसी का सूर्यम।


विश्व-बंधुत्व सदियों से 

भारत में है विश्व-धरम।


माँ वसुंधरा ने सिखाया

है... वसुधैव कुटुम्बकम।



Rate this content
Log in