" नई राष्ट्रीय - शिक्षा नीति "
" नई राष्ट्रीय - शिक्षा नीति "
अब बोझ न लगेगा बस्ता ,
हालत करेगा नहीं खस्ता !
ऐसी शिक्षा नीति है आई ,
बदलाव की लहर है लाई !
कदम नन्हे–से दौड़े चले आएंगे ,
स्कूल के घंटे अब नहीं डराएंगे !
कौन कहता है पढ़ाई उबाऊ है ?
किताबी कीड़ा और सब रटाऊ है ?
पलट देगी पढ़ाने के पुराने ढंग ,
छिटका देगी दिलचस्पी के रंग !
श्यामपट तो कहीं खो जाएगा ,
सब कुछ 'क्रियात्मक' हो जाएगा !
शायद यंत्र भी बच्चों को पढ़ाएंगे ,
शिक्षक के संगी-साथी हो जाएंगे !
कलम-घसीटी कुछ कम हो जाएगी ,
गतिविधियां ही अहम रोल निभाएंगी !
सृजन की डिब्बियां खुल जाएंगी ,
चुपके से आकाश में घुल जाएंगी !
कोई रचेगा कविता, कोई बुनेगा गीत ,
कोई दौड़ेगा, खेल में मैदान लेगा जीत !
अब नहीं होगी अंकों की माया ,
न होगा सिर पर डंडे का साया !
पढ़ाई खेल–सी सरल बन जाएगी ,
शिक्षा नीति बच्चों को बड़ा लुभाएगी !
