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Manjul Manzar Lucknowi

Others

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Manjul Manzar Lucknowi

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मुक्तक (आगे गड्ढा खुदा हुआ है)

मुक्तक (आगे गड्ढा खुदा हुआ है)

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समय से पहले अधिक भाग्य से

कभी किसी को नहीं मिला है।

किस्मत में जब नहीं है तेरी

फिर क्यों पीछे पड़ा हुआ है।

जीवन अगर बचाना है तो

अभी समय है ज़रा संभल जा,

धन  के  पीछे  भागने  वाले  

आगे  गड्ढा खुदा हुआ है।


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