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Jay Bhatt

Others

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Jay Bhatt

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मुझे काम पर जाना है

मुझे काम पर जाना है

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कहने को तो है 9 से 6 की नौकरी,

पर ये वक़्त भी कम है,

कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठे रहना,

हे ज़िन्दगी तेरे भी हसीं रंग हैं।


फाइलों और पेपर वर्क में कहीं गुम से गए हैं,

क्लाइंटों के अपडेट कुछ रुक से गए हैं,

बस कंप्यूटर स्क्रीन के सामने निगाहें हैं,

इस कीबोर्ड के सहारे अपनी ज़िन्दगी

कुछ लिख से रहे हैं ।


एच आर की किट-किट,

मैनेजर का दबाव हैं,

साथी दोस्तों के साथ हम

कुछ यूँ जी से रहे हैं,


नौकरी का स्ट्रेस,

गर्लफ्रेंड का मैसेज,

लटकती तलवार गले पे

कुछ यूँ लिए घूम से रहे हैं।


काम से घर आके फिर वहीं बातें,

दोस्तों के साथ बहार क्यों न जाते,

घर में बीवी कुछ यूँ रूठी सी है,

फिर वहीं उसके ताने,

न जाने फिर उसे कैसे मानते।


फिर वहीं जल्दी सो जाना,

9 बजे उठ फिर काम पर जाना,

फिर वहीं कंप्यूटर की स्क्रीन,

और उसी में सारा दिन खो जाना ।


ये नौकरी नहीं गले का पट्टा हैं,

रोज़ पहन कर हमे घूमने जाना हैं,

वही कुर्सी वही मेज़,

मेरा हर रोज़ का ठिकाना हैं ।


चलो अब में चलता हूँ,

मुझे काम पर जाना हैं ।



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