मोह, माया, त्याग दिया
मोह, माया, त्याग दिया
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आज मैं दिल पे
पत्थर रखकर,
नाराज़गी भरे आलम में,
माँ कि आँखों के
आँसू को देखकर,
घर से चल दिया,
मैंने आज फिर से
मोह, माया, त्याग दिया.!
कुछ दिनों तक तो
ये आँखें आँसू
बहायेंगी,
मगर फिर इनको भी
वहां कि आदत
पड़ जाएगी,
यही सोचकर कुछ दिनों
के लिए,
मैंने हर रिश्ता तोड़
दिया,
आज फिर से एक बार मैंने
मोह, माया, त्याग दिया.!
