मन मोहिनी
मन मोहिनी
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किसी सुनहरे पल का एहसास
लाल होठों की मुस्कान संग,
समेटे हजारों रंगों का फरमान
हो तुम।
सुन्दरता का प्रतीक हो
गहनों में सजी नूर हो तुम,
ममता का आँचल हो
किसी के सांसों की डोर हो तुम।
शक्ति का रूप , ममता का सवरूप
सृष्टि संचालिका हो तुम।
अभिमान हो तुम, नम्र भी हो
वक्त आने पर तूफान हो तुम।
