तू भूल बैठा है मुझे ना जाने किसकी खातिर, तरसी है आंखे एक तुझे देखने की खातिर,।। तू भूल बैठा है मुझे ना जाने किसकी खातिर, तरसी है आंखे एक तुझे देखने की खातिर...
वो अक्स है मेरा , उसे मेरे साथ रह जाने दो। वो अक्स है मेरा , उसे मेरे साथ रह जाने दो।
भक्ति रचना भक्ति रचना
बेसब्र थी एक रोज़ अब सब्र रखना सीख गई हूं,।। बेसब्र थी एक रोज़ अब सब्र रखना सीख गई हूं,।।
एहसास से लिपटे थे ख्वाहिशों की दुनिया ये उन दिनों का प्यार था। एहसास से लिपटे थे ख्वाहिशों की दुनिया ये उन दिनों का प्यार था।
ज़िन्दगी के कुछ पल बदलना चाहता हूँ ! ज़िन्दगी के कुछ पल बदलना चाहता हूँ !