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राही अंजाना

Others

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राही अंजाना

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मैं पराई हूँ

मैं पराई हूँ

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दिल से अपनी मगर धड़कन से मैं पराई हूँ,

न जाने किस घड़ी में, इस घर में मैं आई हूँ,


आँखों ही आँखों में आँखों में मैं घिर आई हूँ,

हर एक रिश्ते से बंधी मैं कड़वी सच्चाई हूँ, 


पुरुष प्रधान इस विश्व में मैं खड़ी नज़र आई हूँ,

ध्यान से देखो तो पाओगे सबकी मैं परछाई हूँ।। 



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