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Nitu Rathore Rathore

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Nitu Rathore Rathore

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&&&& माँ &&&&

&&&& माँ &&&&

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मैंने बचपन से तुम्हें माँ जो पुकारा होगा

तेरे आँचल पे सिर्फ हक तो हमारा होगा।


जो बिना बात के आँसू मैं बहाती होगी

हाँ मेरी माँ को मेरा आँसू भी प्यारा होगा।


मुझे लौटा दो कोई फिर से वो बचपन मेरा

जब मैं थी चाँद कोई आँख का तारा होगा।


ना शरारत न भोलापन न शोखियाँ कम थी

माँ ने डाँटा न कभी मुझे न तो मारा होगा।


बात बचपन की "नीतू" यादों में रह जाती हैं

अब मेरी माँ को मेरा ही तो सहारा होगा।



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