STORYMIRROR

Hitendra Brahmbhatt

Others

3  

Hitendra Brahmbhatt

Others

क्या फिर से देश को बाटोंगे.?

क्या फिर से देश को बाटोंगे.?

1 min
156

क्यों करते हो यहां नफरतों की सियासत

क्या नफरतों को दिलों में बाटोंगे.?


अमन पसंद मुल्क के हालात बिगाड़कर

क्या दंगो की चिंगारी ही बाटोंगे.?


पानी हो गंगा का या हो आबे झमझमका

अब क्या पानी को भी बाटोंगे.?


एक ही हवा में सांस लेनी है यहां सबको

अब क्या हवाओं को भी बाटोंगे.?


मंदिर मस्जिद करके बांट दीया है देश को

अब क्या इंसानों को भी बाटोंगे.?


सत्ता की चौखट पे गुलाम बने ए–फनकारों

क्या कलम की रोशनी को भी बाटोंगे.?


फितरत जानता हूं आपकी सियासतदारों

अब क्या फिर से देश को बाटोंगे.?



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन