End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!
End of Summer Sale for children. Apply code SUMM100 at checkout!

Sukanta Nayak

Others


2  

Sukanta Nayak

Others


कर्म

कर्म

1 min 167 1 min 167

अंधेरी रातों में सुनसान राहों में

एक अकेला चलने लगा था वो

कभी नशे में तो कभी होश में

डगमगाते कदम, आगे बढ़ने

लगा था वो।


कुछ ऐसा एहसास होने लगता है

जब खुद से विश्वास छूटने लगता है

हर कदम पे तन्हाई छा जाती है

पल में अंदर से डर सताता है।


कर्मों का फल तो भोग करना ही पड़ता है

जो बीज बोए थे उसे काटना ही पड़ता है

बुरे कर्म जीने नहीं देते

एक घुटन मजबूर करता है।


जीवन कर्मों का प्रतिबिम्ब है

और भाग्य प्रतिबिम्ब की रेखा

करना हो मजबूत इन रेखाओं को

तो बढ़ाओ ऊंचा अपने कर्मों की सीखा।



Rate this content
Log in