कल के कौन ठिकाने हैं
कल के कौन ठिकाने हैं
क्यों सोचे आगे क्या होगा अब कल के कौन ठिकाने हैं,
जी लो ज़िंदगी यहांँ हर पल फिर ये पल निकल जाने हैं,
एक पल खुशियों से महकना, दूजे पल ग़म से उलझना,
जिंदगानी जी लो ऐसे, जैसे यही पल तो सबसे सुहाने हैं,
ना जाने ये पल, फिर ज़िंदगी में लौट कर आए ना आए,
हर पल एक सांँस घटती ज़िंदगी, जीने के यही बहाने हैं,
क्या खोया क्या पाया यहांँ, सोचकर वक्त ना बर्बाद कर,
अंत समय साथ न जाएगा कुछ सब यहीं धरे रह जाने हैं,
रिश्ते-नाते, धन-दौलत सब माया है, कुछ नहीं यहांँ तेरा,
समेट लोग खूबसूरत यादें झोली में यही यादें रह जाने हैं,
चले जाना है सबको एक दिन निभाकर अपना किरदार,
कोई काटता,कोई जीता है जो जिए उसके लिए तराने हैं,
कभी आंँसू, कभी शिकायत है, कभी प्यार, कभी नफ़रत,
चुन लो प्यार की डगर, ग़म भी खुशियों में बदल जाने हैं,
जीना न छोड़ो सोचकर कि कल कौन सा मोड़ आ जाएगा,
खुलकर मुस्कुराओ,आने दो जो फैसले ज़िंदगी के आने हैं।
