STORYMIRROR

Neer N

Others

4  

Neer N

Others

कितने खयाल....

कितने खयाल....

1 min
373

कितने खयाल एक साथ मिल कर चले आते हैं

मेरे जहन में भूचाल मचा कर, 

मेरे दिल की जमीन को हिला कर यूं अदृश्य हो जाते हैं

मानो कुछ हुआ ही नहीं।फिर याद करने से भी याद नहीं आता कुछ,

और मैं खोई सी बैठी रह जाती हूं,कुछ भूला सा याद करने, 

और कुछ आधा अधूरा सा भुला देने की जद्दोजहद में, 

पर न तो कुछ पूर्णरूप से याद आता है,और ना ही पूरी तरह से भुलाया जाता है। 



Rate this content
Log in