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manisha suman

Others

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manisha suman

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ज़िंदगी

ज़िंदगी

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कुछ अटपटी सी अनमनी सी है जिंदगी,

हकीकत है या ख्वाब है जिंदगी,

जिंदगी कोई खेल भी नहीं यारों

हाथ की लकीरों में छुपी तदबीर है जिंदगी।


जिंदगी असाँ नहीं जीने को,

मुश्किलों से लड़ा रात सफीनों से,

जिंदगी के सफर में हौसला डगमगाया,

पर कदमों को हर बार आजमाया।



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