STORYMIRROR

ADITYA MISHRA

Others

4  

ADITYA MISHRA

Others

जिंदगी

जिंदगी

1 min
348

तजुर्बा तो यही कहता है

बहुत अफसाने बनेंगे मेरी जिंदगी में

पर सुकून मिलेगी कब

इसका इंतजार आज भी है।


यूं तो छोटी सी जिंदगी गुजरी है अभी

पर तजुर्बे भर-भर के दिये है,

कदम कदम पर मिली है ठोकरें

पर मंजिल की तरफ बढ़ना कभी छोड़ा नहीं।


अजनबी अपने हुए

और अपने अजनबी

पर वक्त ने क्या खूब बताया

कौन है सच्चा सिपाही।


अब तो सिर्फ सुकून की तलाश है

सफर बहुत हुआ अब मंजिल की तलाश है,

चाहता हूं ठहरना अब थोड़ी देर

बहुत थक चुका हूं सफर करते करते।



Rate this content
Log in