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भावना भट्ट

Others

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भावना भट्ट

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ज़िन्दगी तेरे रंग हज़ार

ज़िन्दगी तेरे रंग हज़ार

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खुशियाँ कम और अरमान बहुत हैं

ऐ ज़िन्दगी! तेरे फरमान बहुत हैं


कभी रूलाती कभी हँसाती

हम पर तेरे एहसान बहुत हैं


जितनी सुन्दर, उतनी ही कठिन तू

फिर भी यहाँ तेरी शान बहुत है


मैं चाहूँ हरदम साथ चलना तेरे

मुझसे तेरे तलबगार बहुत हैं


इंसान को तू क्या से क्या बना देती

करते फिर भी तेरा मान बहुत हैं


अब तो पता दे मुझे मेरे वज़ूद का

सुना है तेरी पहचान बहुत है.


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