Satyawati Maurya
Children Stories
बाबा हैं मेरे जो बरगद की छाँव से
बचपन को पाला मेरे कितने चाव से
जीवन का सच बताया क़िस्से -कहानियों में
अब हम आगे को बढ़ते कितने ठहराव से।
आस्था को जोत,...
बेजान पत्थर
निश्चित कोण,,
माँ के आँचल -...
स्व निर्मिति
प्यासे प्राण,...
सुर आशा के,,,
ऐसे मनी मेरी ...
जीवित समर्पण,...