हतभागे
हतभागे
1 min
256
हुई ईर्ष्या देख उन्हें विकल
जब घकेल मेहनत वालो को
पहुँच वाले गये आगे निकल
दुनिया बोली देख ये है बड़भागी
कहलाये हम जैसे जन हतभागी
संग ईर्ष्या के आहत भी हुआ मन
देख जमाने का ये उल्टा चलन
कमाता कोई तो खाता कोई है
काम करता कोई नाम ले जाता कोई है।
क्यों न हो ईर्ष्या ये मानवीय फितरत है
धन्य है ये दुनिया फिर भी खूबसूरत है
