STORYMIRROR

Aditya Srivastav

Others

2  

Aditya Srivastav

Others

हैरान क्यूँ है?

हैरान क्यूँ है?

1 min
30

अब हर दिन तो है छुट्टी का दिन

फिर क्यों नहीं शराब पे चखना होता,

नहीं सजती क्यों महफ़िल यारों की

जब घर ही पे तो है रहना होता

हवा तो आज कल साफ है ना 

फ़िर चेहरे पे बांधे रुमाल क्यूँ है!!

अपनी ही करनी पर हे कलयुगी मानव

आख़िर तू इतना हैरान क्यूँ है?


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन