गुफ़्तगू
गुफ़्तगू
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एक बार फिर खुद से
गुफ़्तगू कर लेते हैं
यह तन्हाई में
खुद को बहलाने के लिए अच्छा है,
कोई दोष नहीं है इसमें
कोई दिल भी नहीं दुखाता
और हम भी किसी ऐतबार से
बचा लेते हैं खुद को।
यह आईना भी हमसे
कुछ नहीं कहता
आपके बारे में,
बस इतना ही कहता है
दिल में आपका ख़्याल है,
एक आप हैं कि
आप पर सब ज़ाहिर है,
बस हम ही पर आपका
कुछ भी ज़ाहिर नहीं।
जाने यह गुफ़्तगू
कब एक तरफा से
दो तरफ़ा होगी।
