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Dr Manisha Sharma

Children Stories

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Dr Manisha Sharma

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एक ऊँकार

एक ऊँकार

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तेरी बोली मेरी बोली 

तेरी जात मेरी पात

तेरी ईद मेरी दिवाली

तेरा साफा मेरी टोपी

तेरी गीता मेरी कुरान

तेरा नानक मेरी अज़ान

एक माला के मणि अनेक

मिलकर सब बन जाये एक

बिखरे तो पत्थर बन जाएं

चट्टान बने जो सब हो एक

सारी धरती माँ के जैसी 

सब हो उसकी एक सन्तान

एकता में बल बहुत है

मत बंटना तू हे इंसान

 



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