STORYMIRROR

Dr Manisha Sharma

Children Stories

3  

Dr Manisha Sharma

Children Stories

एक ऊँकार

एक ऊँकार

1 min
204

तेरी बोली मेरी बोली 

तेरी जात मेरी पात

तेरी ईद मेरी दिवाली

तेरा साफा मेरी टोपी

तेरी गीता मेरी कुरान

तेरा नानक मेरी अज़ान

एक माला के मणि अनेक

मिलकर सब बन जाये एक

बिखरे तो पत्थर बन जाएं

चट्टान बने जो सब हो एक

सारी धरती माँ के जैसी 

सब हो उसकी एक सन्तान

एकता में बल बहुत है

मत बंटना तू हे इंसान

 



Rate this content
Log in