STORYMIRROR

Radha Shrotriya

Children Stories Fantasy

3  

Radha Shrotriya

Children Stories Fantasy

एक सुबह ऐसी हो

एक सुबह ऐसी हो

1 min
337

काश कि एक सुबह ऐसी हो 

मेरे आँगन में बिछी खाट पर 

उषा अंगड़ाई लेकर उठे,


पंछियों के कलरव से हम तुम जागें 

तुम्हारी आँखों में भोर का तारा

चमकता देख


मैं खुशी से चिड़िया की तरह चहकूं

और तुम्हारे साथ 

पवित्र प्राची के सिंदूरी


आभा मंडल के बीच उदित होते 

दिनकर को देखूँ !


Rate this content
Log in