STORYMIRROR

Rahul Singh

Others

3  

Rahul Singh

Others

दोस्ती

दोस्ती

1 min
290

क्या कहूं कि दोस्ती क्या है

एक हसीन ख्वाब है यह दोस्ती

गुलाब कहूं या कमल

फूलों का गुलदस्ता कहूं इसे

या फिर हीरो का हार कहूं इसे

पर कोई हसीन सी चीज है यह दोस्ती


सूर्य का प्रकाश कहूं इसे

या फिर चांद की चांदनी

दूर से देखो तो कोई ख्वाब है यह दोस्ती

पास आकर देखो तो मीठी सी सौगात है यह दोस्ती

दोस्ती कहो तो कोई उधेड़बुन है

या फिर कई सवालों का जवाब है यह दोस्ती


दिल को दिल से जोड़ने वाली एहसास है यह दोस्ती

प्रेम त्याग और बलिदानों की डोर से बंंधी होती है यह दोस्ती

तपती धूप में जो छाव दे ऐसी होती है यह दोस्ती

सभी रिश्तों में सबसे खास होती है दोस्ती


बस खुदा से मिली सबसे अनमोल सी सौगात या भेंट होती है यह दोस्ती



Rate this content
Log in