बहुत जी लिया मैं ,इश्क़ मोहब्बत दर्द में ,लिखते लिखते थक गया , बहुत जी लिया मैं ,इश्क़ मोहब्बत दर्द में ,लिखते लिखते थक गया ,
बड़ों बड़ों का रक्षक कलियुग यहां लूट पाट सब चलता है। बड़ों बड़ों का रक्षक कलियुग यहां लूट पाट सब चलता है।
अंकल थे ना, देदी पप्पी। इसमें उन्होंने ले ली मेरी पप्पी ।। अंकल थे ना, देदी पप्पी। इसमें उन्होंने ले ली मेरी पप्पी ।।
क्यों हुआ है तू निराश , क्यों छोड़ दी है तूने जीतने की आस I क्यों हुआ है तू निराश , क्यों छोड़ दी है तूने जीतने की आस I
ना गुजरता तेरी गलियों से तो अच्छा होता ना जाता उस चौबारे पर तो अच्छा होता। ना गुजरता तेरी गलियों से तो अच्छा होता ना जाता उस चौबारे पर तो अच्छा होता।
पूर्णिमा वाले चन्द्रमा की तरफ से नजरें नहीं हटते। पूर्णिमा वाले चन्द्रमा की तरफ से नजरें नहीं हटते।