दिवाली
दिवाली
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आया दीवाली का त्यौहार,
लाया खुशियों की बहार।
राम जी अयोध्या पधारे आज,
दीपमाला जगमगायें आज।।
काटा चौदह वर्षों का वनवास,
किया दुष्टों का नाश।
छाया हर तरफ उल्लास,
बाजे ढोल-नगाडे़ ताश ।।
रखा पिता के वचनों का मान,
कहलाये मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम।
किया कुल का ऊँचा नाम,
थे दशरथ राज दुलारे राम।।
जगमग हैं रोशनी से,
घर-द्वार सारे आज।
रंगों, फूलों की रंगोली से,
दीवाली का स्वागत करें आज।।
