STORYMIRROR

somya mohanty

Others

2  

somya mohanty

Others

दिल ढूंढ़ता है

दिल ढूंढ़ता है

1 min
251

काँटों के साथ आज वो हमको

 गुलाब के फूल दे गयी हैं

दर्द जो अपनी उस दिल को मिला था

 आज वो अपनी जख्म दिखा गयी हैं

वादे के साथ वो दावा भी कर गयी

  बेरंग और रंग के सिलसिले में

वो कहे खुद को में अमावस का अँधेरा हूँ

 बेसक तुम सतरंग हो मोहब्बत के फलसफे में . . . .


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन